भारत में अनुसूचित जनजातियों की संख्या 705 से बढ़कर 720 हो गई है।

केंद्र सरकार ने 14 सितंबर 2022 को इन पांच राज्यों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और कर्नाटक में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) की सूची में कुछ समुदायों को जोड़ने को मंजूरी दे दी।

अनुसूचित जनजातियों की संख्या

5 राज्यों की 15 जातियां अब अनुसूचित जनजाति में शामिल हो गयी हैं। इस फैसले के बाद देश में अनुसूचित जनजातियों की संख्या 705 से बढ़कर 720 हो गई है। 2011 की जनगणना के अनुसार देश की जनजातीय आबादी 10.43 करोड़ है, जो कुल आबादी का 8.6% है। इनमें से 89.97% ग्रामीण क्षेत्रों में और 10.03% शहरी क्षेत्रों में रहते हैं।

जातियां जिन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया

छत्तीसगढ़भुईंया, भूया, पंडो, धनुहार, गदबा, गोंड, कोंध, कोरकू, नगेसिया, धांगड़, सौंरा, बिंझिया
हिमाचलहट्‌टी
तमिलनाडुकुरुविक्करन
कर्नाटकबेट्‌टा कुरुबा
उत्तर प्रदेशगोंड, उपजाति-धुरिया, नायक, ओझा, पठारी, राजगोंड​​​​​​

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